पढ़ाई और जीवन में क्या अंतर है? स्कूल में आप को पाठ सिखाते हैं और फिर परीक्षा लेते हैं. जीवन में पहले परीक्षा होती है और फिर सबक सिखने को मिलता है. - टॉम बोडेट

Friday, October 8, 2010

ललित मोदी बन गए मोस्ट वांटेड ‘अपराधी’

आईपीएल के पूर्व आयुक्त ललित मोदी की मुसीबतें और बढ़ गई हैं। भारतीय प्रवर्तन निदेशालय ने मोदी के खिलाफ ब्लू अलर्ट जारी किया है। इसके तहत उन्हें दुनिया के किसी भी पोर्ट या एयरपोर्ट पर पूछताछ के लिए गिरफ्तार किया जा सकता है। ये अलर्ट एक अक्टूबर से मान्य होगा। ब्लू अलर्ट के बाद ललित मोदी भारत छोड़कर किसी और देश नहीं जा पाएंगे।
अगर वो किसी एयरपोर्ट या सार्वजनिक स्थान पर मिलते हैं, तो वहां के अधिकारी उन्हें गिरफ्तार कर भारतीय प्रवर्तन निदेशालय के सुपुर्द करेंगे। गौरतलब है कि मोदी पर आईपीएल के सौदों में सैंकड़ों करोड़ रुपए के घपले का आरोप है।
अब इस अलर्ट के जारी होने के बाद मोदी किसी मोस्ट वांटेड अपराधी की तरह हो गए हैं। प्रवर्तन निदेशालय द्वारा अनेकों बार पेश होने के आदेश देने के बाद भी ललित मोदी सुनवाई के लिए नहीं पहुंचे थे। इसी से तंग आकर निदेशालय ने ये अलर्ट जारी किया है।

उल्लेखनीय है कि आईपीएल में वित्तीय गड़बड़ियों के उजागर होने के बाद मोदी को अध्यक्ष के पद से निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद से सभी आईपीएल फ्रेंचाइजियों के विरूद्ध आयकर विभाग ने जांच शुरू की थी।

1 टिप्पणियाँ:

Umra Quaidi said...

लेखन के लिये “उम्र कैदी” की ओर से शुभकामनाएँ।

जीवन तो इंसान ही नहीं, बल्कि सभी जीव जीते हैं, लेकिन इस समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार, मनमानी और भेदभावपूर्ण व्यवस्था के चलते कुछ लोगों के लिये मानव जीवन ही अभिशाप बन जाता है। अपना घर जेल से भी बुरी जगह बन जाता है। जिसके चलते अनेक लोग मजबूर होकर अपराधी भी बन जाते है। मैंने ऐसे लोगों को अपराधी बनते देखा है। मैंने अपराधी नहीं बनने का मार्ग चुना। मेरा निर्णय कितना सही या गलत था, ये तो पाठकों को तय करना है, लेकिन जो कुछ मैं पिछले तीन दशक से आज तक झेलता रहा हूँ, सह रहा हूँ और सहते रहने को विवश हूँ। उसके लिए कौन जिम्मेदार है? यह आप अर्थात समाज को तय करना है!

मैं यह जरूर जनता हूँ कि जब तक मुझ जैसे परिस्थितियों में फंसे समस्याग्रस्त लोगों को समाज के लोग अपने हाल पर छोडकर आगे बढते जायेंगे, समाज के हालात लगातार बिगडते ही जायेंगे। बल्कि हालात बिगडते जाने का यह भी एक बडा कारण है।

भगवान ना करे, लेकिन कल को आप या आपका कोई भी इस प्रकार के षडयन्त्र का कभी भी शिकार हो सकता है!

अत: यदि आपके पास केवल कुछ मिनट का समय हो तो कृपया मुझ "उम्र-कैदी" का निम्न ब्लॉग पढने का कष्ट करें हो सकता है कि आपके अनुभवों/विचारों से मुझे कोई दिशा मिल जाये या मेरा जीवन संघर्ष आपके या अन्य किसी के काम आ जाये! लेकिन मुझे दया या रहम या दिखावटी सहानुभूति की जरूरत नहीं है।

थोड़े से ज्ञान के आधार पर, यह ब्लॉग मैं खुद लिख रहा हूँ, इसे और अच्छा बनाने के लिए तथा अधिकतम पाठकों तक पहुँचाने के लिए तकनीकी जानकारी प्रदान करने वालों का आभारी रहूँगा।

http://umraquaidi.blogspot.com/

उक्त ब्लॉग पर आपकी एक सार्थक व मार्गदर्शक टिप्पणी की उम्मीद के साथ-आपका शुभचिन्तक
“उम्र कैदी”