पढ़ाई और जीवन में क्या अंतर है? स्कूल में आप को पाठ सिखाते हैं और फिर परीक्षा लेते हैं. जीवन में पहले परीक्षा होती है और फिर सबक सिखने को मिलता है. - टॉम बोडेट

Sunday, December 19, 2010

दुष्कर्म का झूठा मामला, महिला पर मुकदमा

दिल्ली की एक अदालत ने हरियाणा के एक पुलिसकर्मी पर दुष्कर्म का झूठा आरोप लगाने वाली एक महिला, उसके पति एवं ससुर के खिलाफ मुकदमा चलाने का आदेश दिया है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कामिनी लाउ ने पुलिस सब इंसपेक्टर तथा दो कांस्टेबलों को इस महिला के अपहरण और उसके साथ दुष्कर्म के आरोपों से बरी कर दिया है तथा आरोप लगाने वाली इस महिला और उसके दो रिश्तेदारों के खिलाफ आपराधिक सुनवाई का आदेश दिया। यह महिला जहांगीरपुरी की रहने वाली है।

अदालत ने कहा कि महिला के ससुर ने दुष्कर्म की सारी कहानी गढ़ी क्योंकि हरियाणा पुलिस उसके खिलाफ विभिन्न आपराधिक मामलों की जाचं कर रही थी।

महिला ने आरोप लगाया कि सब इंसपेक्टर ओम प्रकाश और कांस्टेबल राकेश उर्फ पहलवान एवं टेक चंद ने 09 अप्रैल, 2004 को उसका और उसके पति का अपहरण कर लिया था और गुड़गांव के फिरोजपुर झिरका थाने में उसके साथ दुष्कर्म किया था। महिला के अनुसार हालांकि इन तीनों पुलिसकर्मियों ने उसे उसी दिन छोड़ दिया जबकि उसके पति निसार अहमद को 16 अप्रैल, 2004 तक हिरासत में रखा।

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