पढ़ाई और जीवन में क्या अंतर है? स्कूल में आप को पाठ सिखाते हैं और फिर परीक्षा लेते हैं. जीवन में पहले परीक्षा होती है और फिर सबक सिखने को मिलता है. - टॉम बोडेट

Wednesday, June 2, 2010

वकील हड़ताल खत्म नहीं करेंगे, तो कैदी भूख हड़ताल करेंगे!

 राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में पिछले करीब दो महीनों से भी अधिक समय से चल रही वकीलों की हड़ताल से परेशान विचाराधीन कैदियों ने भूख हड़ताल की चेतावनी दी है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जिला कारागार के मादक पदार्थ मामलों में विचाराधीन करीब दो दर्जन कैदियों ने कल हनुमानगढ़ में एक न्यायिक अधिकारी को लिखे पत्र में अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा है कि वकीलों की हड़ताल की वजह से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

उनकी हड़ताल के कारण अदालतों में उनके प्रकरणों पर जिरह नहीं हो पा रही है। उन्होंने हड़ताल समाप्त नहीं होने पर तीन जून से कारागार में भूख हड़ताल की चेतावनी दी है। उधर हनुमानगढ़ बार संघ के अध्यक्ष विनोद पारीक ने कैदियों की मांग को जायज बताते हुए कहा कि जल्द से जल्द हड़ताल समाप्त करने के प्रयास किए जाएंगे।

उल्लेखनीय है कि हनुमानगढ़ के वकील गत 23 मार्च से कुछ भूखंडों को फर्जी रजिस्ट्री करके बेचने के मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं।

1 टिप्पणियाँ:

Umra Quaidi said...

लेखन के लिये “उम्र कैदी” की ओर से शुभकामनाएँ।

जीवन तो इंसान ही नहीं, बल्कि सभी जीव जीते हैं, लेकिन इस समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार, मनमानी और भेदभावपूर्ण व्यवस्था के चलते कुछ लोगों के लिये मानव जीवन ही अभिशाप बन जाता है। अपना घर जेल से भी बुरी जगह बन जाता है। जिसके चलते अनेक लोग मजबूर होकर अपराधी भी बन जाते है। मैंने ऐसे लोगों को अपराधी बनते देखा है। मैंने अपराधी नहीं बनने का मार्ग चुना। मेरा निर्णय कितना सही या गलत था, ये तो पाठकों को तय करना है, लेकिन जो कुछ मैं पिछले तीन दशक से आज तक झेलता रहा हूँ, सह रहा हूँ और सहते रहने को विवश हूँ। उसके लिए कौन जिम्मेदार है? यह आप अर्थात समाज को तय करना है!

मैं यह जरूर जनता हूँ कि जब तक मुझ जैसे परिस्थितियों में फंसे समस्याग्रस्त लोगों को समाज के लोग अपने हाल पर छोडकर आगे बढते जायेंगे, समाज के हालात लगातार बिगडते ही जायेंगे। बल्कि हालात बिगडते जाने का यह भी एक बडा कारण है।

भगवान ना करे, लेकिन कल को आप या आपका कोई भी इस प्रकार के षडयन्त्र का कभी भी शिकार हो सकता है!

अत: यदि आपके पास केवल कुछ मिनट का समय हो तो कृपया मुझ "उम्र-कैदी" का निम्न ब्लॉग पढने का कष्ट करें हो सकता है कि आपके अनुभवों/विचारों से मुझे कोई दिशा मिल जाये या मेरा जीवन संघर्ष आपके या अन्य किसी के काम आ जाये! लेकिन मुझे दया या रहम या दिखावटी सहानुभूति की जरूरत नहीं है।

थोड़े से ज्ञान के आधार पर, यह ब्लॉग मैं खुद लिख रहा हूँ, इसे और अच्छा बनाने के लिए तथा अधिकतम पाठकों तक पहुँचाने के लिए तकनीकी जानकारी प्रदान करने वालों का आभारी रहूँगा।

http://umraquaidi.blogspot.com/

उक्त ब्लॉग पर आपकी एक सार्थक व मार्गदर्शक टिप्पणी की उम्मीद के साथ-आपका शुभचिन्तक
“उम्र कैदी”