पढ़ाई और जीवन में क्या अंतर है? स्कूल में आप को पाठ सिखाते हैं और फिर परीक्षा लेते हैं. जीवन में पहले परीक्षा होती है और फिर सबक सिखने को मिलता है. - टॉम बोडेट

Thursday, September 9, 2010

'गांधी नंबर वन' साबुन की बिक्री पर रोक

गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स (जीसीपीएल) को बंबई उच्च न्यायालय से एक शिकायत पर कुछ राहत मिली है और अदालत ने एक कंपनी के 'गांधी नंबर वन' साबुन की बिक्री से रोक दी है। गोदरेज ने कहा था कि यह नाम उसके 'गोदरेज नंबर वन' ब्रैंड से मिलता-जुलता है।

उच्च न्यायालय ने हिमाचल प्रदेश की 'गांधी सोप एंड डिटरर्जेंट' को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूछा है क्यों न गोदरेज को इस मामले में राहत दी जाए। गोदरेज के पक्ष में अंतरिम राहत देते हुए अदालत ने गांधी सोप्स पर 13 सितंबर तक इस उत्पाद के विपणन एवं बिक्री पर रोक लगा दी है।

जज एस.सी. धर्माधिकारी ने कहा कि शुरुआती तौर पर जो जानकारी मेरी संज्ञान में लाई गई है उसके अनुसार गांधी सोप्स ने वैसा ही उत्पाद पेश किया है, जिसकी रंग स्कीम गोदरेज से मिलती-जुलती है। इस उत्पाद के रैपर देखने के बाद अदालत ने कहा कि इस साबुन की कलर स्कीम और फ्रैगरेंस भी लगभग समान ही है।

2 टिप्पणियाँ:

गजेन्द्र सिंह said...

गाँधी न - १, क्या बात है ......
एक बार जरुर पढ़े :-
(आपके पापा इंतजार कर रहे होंगे ...)
http://thodamuskurakardekho.blogspot.com/2010/09/blog-post_08.html

रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" said...

आज तो केवल 'गांधी सोप एंड डिटरर्जेंट' ही है पता नहीं हमारे देश में कल "गांधी जी" के नाम से लोग क्या-क्या शुरु करेंगे? आज लोगों की मानसिकता पर अफ़सोस होता है कि-यह कैसा सम्मान है?
आम आदमियों की परेशानियों को लेकर क़ानूनी समाचारों पर बेबाक टिप्पणियाँ (2) पढ़ें. उच्चतम व दिल्ली उच्च न्यायालय को भेजें बहुमूल्य सुझाव पर अपने विचार प्रकट करने हेतु मेरे ब्लॉग http://rksirfiraa.blogspot.com & http://sirfiraa.blogspot.com देखें. अच्छी या बुरी टिप्पणियाँ आप करें और अपने दोस्तों को भी करने के लिए कहे.अपने बहूमूल्य सुझाव व शिकायतें अवश्य भेजकर मेरा मार्गदर्शन करें.
# निष्पक्ष, निडर, अपराध विरोधी व आजाद विचारधारा वाला प्रकाशक, मुद्रक, संपादक, स्वतंत्र पत्रकार, कवि व लेखक रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" फ़ोन: 09868262751, 09910350461 email: sirfiraa@gmail.com, महत्वपूर्ण संदेश-समय की मांग, हिंदी में काम. हिंदी के प्रयोग में संकोच कैसा,यह हमारी अपनी भाषा है. हिंदी में काम करके,राष्ट्र का सम्मान करें.हिन्दी का खूब प्रयोग करे. इससे हमारे देश की शान होती है. नेत्रदान महादान आज ही करें. आपके द्वारा किया रक्तदान किसी की जान बचा सकता है.