पढ़ाई और जीवन में क्या अंतर है? स्कूल में आप को पाठ सिखाते हैं और फिर परीक्षा लेते हैं. जीवन में पहले परीक्षा होती है और फिर सबक सिखने को मिलता है. - टॉम बोडेट

Tuesday, September 7, 2010

वकीलों की वाहन रैली से जोधपुर में यातायात व्यवस्थाई चरमराई

एडीजे सीधी भर्ती परीक्षा में कथित धांधली के आरोपों को लेकर पिछले सात दिन से हड़ताल पर उतरे वकीलों ने मंगलवार को जोधपुर   में वाहन रैली निकाली। वकीलों के इस विरोध प्रदर्शन के चलते शहर के कई इलाकों में यातायात जाम हो गया और वाहन चालकों को अपने गतंव्य स्थलों तक पहुंचने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। यातायात पुलिस के प्रयास भी कम पड़ गए।

राजस्थान हाईकोर्ट अधिवक्ता संघर्ष समिति के आह्वान पर मंगलवार को शहर में वाहन रैली निकालने का निर्णय किया गया था। इसी कड़ी में मंगलवार दोपहर तीन-चार सौ की संख्या में वकील दुपहिया वाहनों पर सवार होकर हाईकोर्ट से निकले। रैली हाईकोर्ट रोड, नई सड़क, सोजती गेट, जालोरी गेट, पांचवीं रोड चौराहा, बाम्बे मोटर्स सर्किल, चौपासनी रोड एवं आखलिया चौराहे तक पहुंची। बाद में यह रैली इसी मार्ग से हाईकोर्ट आ गई। करीब दो घंटे की इस वाहन रैली से यातायात व्यवस्था बुरी तरह से चरमरा गई।

3 टिप्पणियाँ:

संगीता पुरी said...

दिक्‍कत तो होती ही है , पर ...

रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" said...

भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना अच्छी बात है. सभी वकील और सभ्य व्यक्ति थें. इसलिए रैली मानव श्रंखला(वाहनों की कतार) के रूप में निकालकर आम आदमी की परेशानी नहीं बढानी चाहिए थी. इस प्रकार पढ़े-लिखें और अनपढ़ों में कोई फर्क नहीं रह जायेगा.

आम आदमियों की परेशानियों को लेकर क़ानूनी समाचारों पर बेबाक टिप्पणियाँ (2 ) पढ़ें. उच्चतम व दिल्ली उच्च न्यायालय को भेजें बहुमूल्य सुझाव पर अपने विचार प्रकट करने हेतु मेरा ब्लॉग http://rksirfiraa.blogspot.com & http://sirfiraa.blogspot.com देखें. अच्छी या बुरी टिप्पणियाँ आप करें और अपने दोस्तों को भी करने के लिए कहे.अपने बहूमूल्य सुझाव व शिकायतें अवश्य भेजकर मेरा मार्गदर्शन करें.
# निष्पक्ष, निडर, अपराध विरोधी व आजाद विचारधारा वाला प्रकाशक, मुद्रक, संपादक, स्वतंत्र पत्रकार, कवि व लेखक रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" फ़ोन: 09868262751, 09910350461 email: sirfiraa@gmail.com, महत्वपूर्ण संदेश-समय की मांग, हिंदी में काम. हिंदी के प्रयोग में संकोच कैसा,यह हमारी अपनी भाषा है. हिंदी में काम करके,राष्ट्र का सम्मान करें.हिन्दी का खूब प्रयोग करे. इससे हमारे देश की शान होती है. नेत्रदान महादान आज ही करें. आपके द्वारा किया रक्तदान किसी की जान बचा सकता है.

मनोज कुमार said...

दिक्‍कत तो होती ही है!

आंच पर संबंध विस्‍तर हो गए हैं, “मनोज” पर, अरुण राय की कविता “गीली चीनी” की समीक्षा,...!