पढ़ाई और जीवन में क्या अंतर है? स्कूल में आप को पाठ सिखाते हैं और फिर परीक्षा लेते हैं. जीवन में पहले परीक्षा होती है और फिर सबक सिखने को मिलता है. - टॉम बोडेट

Wednesday, September 1, 2010

शरद पवार को सुप्रीम कोर्ट की लताड़

भारत के सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्रीय कृषि मंत्री शरद पवार को फटकारते हुए कहा है कि अनाज मुफ्त बांटने की बात सलाह नहीं थी, बाकायदा आदेश था. पवार ने हाल ही में कोर्ट के इस आदेश को सलाह बताते हुए मानने से इनकार कर दिया था.

अदालत खाद्यान्न की बर्बादी से जुड़ी एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है. पिछली सुनवाई पर अदालत ने कहा था कि सरकार को गोदामों में अनाज को सड़ने के लिए छोड़ने के बजाए इसे गरीबों में बांट देना चाहिए. पवार ने इसे कोर्ट की सलाह बताते हुए इसे मानने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि अर्थशास्त्रीय मजबूरियों के कारण अनाज को मुफ्त में बांटना मुमकिन नहीं है.

न्यायाधीश दलवीर भंडारी और न्यायाधीश दीपक वर्मा की खंडपीठ ने मीडिया रिपोर्टों के हवाले से पवार के बयान को खारिज कर दिया. अदालत ने सरकारी वकील को कहा "मंत्री को बता दें कि उन्हें अनाज का मुफ्त वितरण करना होगा. यह सलाह नहीं आदेश था."

अदालत ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए सरकार को गरीबी रेखा से नीचे और इससे ऊपर रहने वालों का तथा अंत्योदय अन्न योजना के लाभार्थियों का नए सिरे से सर्वेक्षण कराने को कहा था ताकि इससे प्राप्त नए आंकड़ों की मदद से पांच साल के भीतर भारत को भूख मुक्त बनाया जा सके.

अदालत ने सरकार को इस दिशा में तत्काल कारगर कदम उठाने को कहा है ताकि खाद्यान्न की बर्बादी को रोका जा सके. खंडपीठ ने गरीबी रेखा से ऊपर रहने वालों को सब्सिडी पर अनाज देने की सरकार की नीति पर गंभीर आपत्ति जताते हुए कहा कि सरकार अपनी योजना का दायरा बढ़ाने के लिए ऐसा कर रही है, तब तो इसकी सीमा तीन लाख रुपये करनी चाहिए.

2 टिप्पणियाँ:

रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" said...

फटकार जरुर पड़ी है मगर ऐसी फटकार से इनकी सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है. काश.... हमारे देश के नेताओं को ऐसी फटकारों से कुछ सबक मिल जाये और यह फटकार इनके दिल में जाकर लगे तो यह अपने-आप में सुधार लाकर तब शायद कुछ देशहित के बारें में सोचेंगे. मगर इसके लिए इनका "दिल" का संवेदनशील होना चाहिए.

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Ashish said...

महाराष्ट्र माझा नामक एक वेबसाईट पे Most Corrupt Indian -२०१० के लिए मतदान चल रहा है, उसमे शरद पवार साहब को सब से ज्यादा वोट्स मिल रहे है, देखते है अखिर मैं कोन जितता है, भ्रष्टाचारी तो सब है लेकिन उन सबके बाप का खिताब जनता किसे देती है येह देखना रोमांचकारी होगा.