पढ़ाई और जीवन में क्या अंतर है? स्कूल में आप को पाठ सिखाते हैं और फिर परीक्षा लेते हैं. जीवन में पहले परीक्षा होती है और फिर सबक सिखने को मिलता है. - टॉम बोडेट

Sunday, October 4, 2009

हत्या के आरोपी ने जज की ओर उछाला जूता।


सूरत जिला न्यायालय की त्वरित अदालत में शनिवार को हत्या के एक मामले में सुनवाई की अगली तारीख दिए जाने से नाराज अभियुक्त ने न्यायाधीश की ओर जूता उछाल दिया। इस घटना से अदालत परिसर में हड़कम्प मच गया। बाद में अभियुक्त द्वारा लिखित में क्षमा याचना करने पर न्यायाधीश ने उसे माफ कर दिया।

अभियुक्त धर्मेश राठौड़ के खिलाफ लम्बित हत्या के मामले की दोपहर में त्वरित न्यायालय के न्यायाधीश एम.एस. शेख की अदालत में सुनवाई थी। न्यायाधीश शेख ने गवाह हाजिर नहीं होने के कारण सुनवाई की अगली तारीख मुकर्रर की। यह सुनते ही अभियुक्त धर्मेश भड़क गया तथा उसने जल्द सुनवाई करने की बात कहते हुए अपना जूता उछाल दिया। अपनी ओर जूता आता देख न्यायाधीश शेख एक तरफ झुक गए। इस बीच,सुरक्षाकर्मियों ने धर्मेश को हिरासत में ले लिया।

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